
खुद ही अपना नक्शा काटा टोपी अचकन धारी वो मन की बात बताने वाला कुर्ता उन पर भारी लो
तथ्य सत्य को नहीं मानते झूठे स्वांग पुजारी वो मन की बात बताने वाला कुर्ता उन पर भारी लो
बासठ में थी नाक कटाई चीन के थे आभारी वो मन की बात बताने वाला कुर्ता उन पर भारी लो
मौका पचपन साल मिला था फिर भी चाहे बारी वो मन की बात बताने वाला कुर्ता उन पर भारी लो
छद्म वेश में खास धर्म की करते ठेकेदारी वो मन की बात बताने वाला कुर्ता उन पर भारी लो
इनके भी जब साल हों पचपन तभी फैसला जारी हो मन की बात बताने वाला कुर्ता उन पर भारी लो
हास्य व्यंग के पात्र बन रहे कुछ कर लें तैयारी वो मन की बात बताने वाला कुर्ता उन पर भारी लो