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अलग अलग संप्रदायों से मिलकर बना ये देश मूल रूप से दो प्रकार के लोगों में बंटा हुआ है। इक वो लोग हैं जो यहां रहते भी हैं और इस देश कि व्यवस्थाओं को मानते भी हैं एवं व्यर्थ के कुतर्क नहीं करते। इस प्रकार के लोग माहिर संप्रदाय के होते हैं।
इक वो लोग हैं जो इस देश में रहते भी हैं और यहां  की लगभग सभी व्यवस्थाओं को बिल्कुल भी नहीं मानते एवं व्यर्थ कुतर्क करते हैं। इस प्रकार के लोग शातिर संप्रदाय के होते हैं।


यूं तो इस शातिर संप्रदाय की नींव देश की आज़ादी के साथ ही डाल दी गई थी तथा उस समय के नेता विशेष पंंडित नसरू इस प्रकार के प्रपंच करते रहते थे ताकि शातिर संप्रदाय निरंतर पोषित होता रहे। 


आज इस शातिर संप्रदाय को पोषित करने में जुटे निम्न लिखित कुछ विशिष्ट व्यक्तियों के नाम वर्णित हैं।  


अटकुद्दीन ओवैसी

राहुल ख़ान

कपिल सिद्दीकी

अरविंद किदवई

ममता बाबर 

राजदीप गिलानी

बरखा अब्दुल्लाह

दीपिका इब्राहिम

रवीश कुरैशी

बृंदा कासकर

अखिलेश आजम


और भी कितने ऐसे ही नाम शातिर संप्रदाय को फलीभूत एवम् विकसित करने में दिन रात जुटे हैं परन्तु समय की यही मांग है कि माहिर संप्रदाय सम्पूर्ण एवम् संगठित रूप से पुरजोर प्रहार करता रहे।


माहिर संप्रदाय की और से शातिर संप्रदाय के लोगों को सद्बुद्धि मिल पाने की शुभ कामनाएं।

जय हिंद । जय मां भारती

उपरोक्त सभी नाम काल्पनिक हैं तथा किसी भी मृत या जीवित व्यक्ति से सम्बन्धित नहीं हैं